Apr 02, 2026

देवकीनंदन ठाकुर ने जोर दिया कि शुद्ध तीर्थ वातावरण करोड़ों सनातन धर्म अनुयायियों के आध्यात्मिक अनुभव को बढ़ाता है

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देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 शुरू होने से महज कुछ दिन पहले देहरादून में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने गंगोत्री और यमुनोत्री धामों को पूरी तरह मदिरा मुक्त बनाने का जोरदार निवेदन किया। उन्होंने कहा कि यदि इन पावन धामों में मदिरा नहीं मिलेगी और श्रद्धालुओं को मदिरा रहित शुद्ध तीर्थ मिलेगा तो तीर्थत्व को बहुत आनंद आएगा। विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा रेंजर्स ग्राउंड में 27 मार्च से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन आज 2 अप्रैल को होना है। कथा के समापन से एक दिन पहले यानी 1 अप्रैल को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कथा स्थल पहुंचे और कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के साथ मंच साझा किया। कथा के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने सीएम धामी से सीधे निवेदन करते हुए कहा, “संभव ये हो कि गंगोत्री-यमुनोत्री इन धामों में अगर मदिरा न मिले और वहां आने वाले अतिथि को मदिरा रहित तीर्थ मिल जाए तो इससे हमारे तीर्थत्व को बहुत आनंद होगा। मुझे नहीं पता कि वहां मदिरा मिलता है या नहीं, लेकिन मैं एक मुहिम चला रहा हूं कि हर तीर्थ को मांस और मदिरा से मुक्त कर दिया जाए, ताकि तीर्थत्व बना रहे और सनातनियों की भावना पूरी हो। कथावाचक ने सनातन धर्म के अनुयायियों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को सनातन की जानकारी अवश्य दें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवकीनंदन ठाकुर के इस निवेदन पर तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आपने बदरीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम का जिक्र किया कि वहां मदिरा आदि का सेवन नहीं होना चाहिए। पहले से ही वहां ऐसा नहीं है, लेकिन आपके कहने के बाद हम और सख्ती करेंगे। धर्म और भक्ति के मार्ग पर कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सरकार ने राज्य में कई काम किए हैं और आगे भी करेगी। सीएम धामी ने कथा को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल होना जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण होता है। उन्होंने देवकीनंदन ठाकुर के जीवन को भक्ति, साधना और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण बताया। सीएम ने कहा कि महाराज ने अल्प आयु में ही श्रीमद्भागवत महापुराण को कंठस्थ कर समाज को आध्यात्मिक दिशा देने का कार्य शुरू कर दिया, जो अत्यंत प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार समाज में समरसता, सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। चारधाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली है। ऐसे में देवकीनंदन ठाकुर का यह निवेदन और सीएम धामी का सकारात्मक जवाब चारधाम धामों में शुद्धता और पवित्रता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।धामी सरकार पहले ही चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई कदम उठा चुकी है। ग्रीन कार्ड व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, सड़क सुरक्षा और अब धार्मिक स्थलों पर मदिरा पर सख्ती जैसे मुद्दों पर सरकार का फोकस बढ़ता दिख रहा है। कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालु मौजूद थे, जिन्होंने सीएम धामी और देवकीनंदन ठाकुर के इस संवाद का जोरदार स्वागत किया।