Apr 02, 2026

श्रद्धालुओं और वाणिज्यिक होटल मालिकों के हितों की रक्षा के लिए उत्तराखंड में गैस सिलिंडर की कालाबाजारी पर गहन कार्रवाई जारी है

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देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान प्रदेश में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा मार्ग और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर कमर्शियल एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार अब केंद्र सरकार से अतिरिक्त आवंटन का अनुरोध करेगी।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव आनंद स्वरूप ने सचिवालय में इंडियन ऑयल (IOCL),भारत पेट्रोलियम (BPCL)और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में यात्रा सीजन के दौरान गैस की संभावित मांग, वर्तमान भंडारण क्षमता और वितरण तंत्र की बारीकी से समीक्षा की गई। सचिव ने तेल कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गैस की किल्लत नहीं होनी चाहिए। सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु उत्तराखंड पहुँचते हैं। इससे होटलों, धर्मशालाओं, ढाबों और रेस्टोरेंट्स में कमर्शियल गैस की खपत कई गुना बढ़ जाती है। विभाग के आकलन के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल से नवंबर तक के सीजन में लगभग 14,901 पंजीकृत वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को करीब 9,67,950 सिलिंडरों की आवश्यकता होगी।

आपूर्ति की क्षमता की गई दोगुनी
बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य विभाग ने पहले ही आपूर्ति तंत्र को मजबूत कर दिया है। सचिव ने जानकारी दी कि:
पूर्व में होने वाली 3,000 सिलिंडर प्रतिदिन की आपूर्ति को अब बढ़ाकर 6,000 सिलिंडर प्रतिदिन से अधिक कर दिया गया है।
तेल कंपनियों को एडवांस लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रा मार्ग के गोदामों में पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखने को कहा गया है।

गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और तय दाम से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अब तक की कार्रवाई में 16 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सचिव ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रदेश में सघन प्रवर्तन अभियान जारी रहेगा और किसी भी अनियमितता की शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में अपर आयुक्त पीएस पांगती समेत आईओसीएल के डिवीजनल हेड स्वर्ण सिंह, जेएल प्रसन्ना और पंकज जैसे अधिकारी भी मौजूद रहे। विभाग का मुख्य लक्ष्य यह है कि यात्रा के दौरान स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।