Feb 05, 2026

हिमालयी मछलियों के संरक्षण और संवर्धन में मदद करेगा ऋषिकेश का एक्वेरियम

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उत्तराखंडमें मत्स्य पालकों की आय को बढ़ाए जाने पर जोर दिया जा रहा है। ताकि, अधिक से अधिक किसान मत्स्य पालन सेक्टर से जुड़कर अपनी आय को बढ़ा सके। ऐसे में राज्य सरकार मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण देने के साथ ही एक नया टूरिस्ट स्पॉट विकसित किए जाने को लेकर वर्ल्ड क्लास एक्वेरियम बनाने का निर्णय लिया है। जिसके तहत मत्स्य विभाग ने ऋषिकेश में देश का दूसरा सबसे बड़ा एवं वर्ल्ड क्लास एक्वेरियम या नमामि गंगे लर्निंग इंस्टीट्यूट एंड सेंटर बनाने को लेकर एनबीसीसी के साथ एमओयू किया है। ये प्रोजेक्ट करीब 270 करोड़ रुपए का है,जिसका निर्माण कार्य 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 

नमामि गंगे लर्निंग इंस्टीट्यूट एंड सेंटर में प्रदेश के मत्स्य पालकों को न सिर्फ प्रशिक्षण दिया जाएगा। बल्कि इस सेंटर में उत्तराखंड में मौजूद मछलियों की तमाम प्रजातियों को भी रखा जाएगा। खास बात ये होगी कि इस सेंटर में मछलियों की प्रजातियों के संरक्षण और संबंवर्धन के लिए प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा, ये वर्ल्ड क्लास एक्वेरियम टूरिज्म के लिहाज के काफी महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि, यहां आने वाले पर्यटकों को राज्य में मौजूद मछलियों की तमाम प्रजातियों की जानकारी भी जाएगी। मत्स्य विभाग के मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि, उत्तराखंड एक टूरिस्ट स्टेट है. इसके साथ ही ऋषिकेश, प्रदेश के चारधाम यात्रा का गेटवे है। जिसके चलते ऋषिकेश में एक्वेरियम या नमामि गंगे लर्निंग इंस्टीट्यूट एंड सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए एनबीसीसी के साथ एमओयू भी साइन कर लिया गया है। ऐसे में विभाग की कोशिश है कि टूरिस्ट स्पॉट के रूप में इस एक्वेरियम का पर्यटकों को इसका लाभ मिले। इसके साथ ही उत्तराखंड में मौजूद मछलियों की प्रजातियों के बारे में लोगों को सिखाया और पढ़ाया भी जाएगा। साथ ही मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ये एक्वेरियम, प्रदेश में टूरिस्ट के लिहाज से भी रीड की हड्डी के रूप में काम करेगा।  इसके साथ ही उत्तराखंड में मौजूद मछलियों की प्रजातियां को संरक्षित और सुरक्षित करने में भी योगदान देगा। एनबीसीसी के साथ जो एमओयू साइन किया गया है।उसके तहत एक्वेरियम का पूरा देखरेख अगले 5 सालों तक एनबीसीसी की ओर से किया जाएगा। साथ ही कहा कि 2029 तक इस एक्वेरियम के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।