नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद नैनीताल के भ्रमण के दौरान गोला नदी पर सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से निर्माणाधीन जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थल पर मौजूद अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों से निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और परियोजना के विभिन्न चरणों की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जमरानी बांध परियोजना राज्य की एक महत्वाकांक्षी योजना है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने परियोजना के अंतर्गत चल रहे अन्य निर्माण कार्यों, तकनीकी पहलुओं और भविष्य की कार्ययोजना की भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार के निरंतर संवाद और सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण परियोजना से जुड़ी पर्यावरणीय और तकनीकी बाधाओं का समाधान संभव हो सका। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने क्षेत्रवासियों की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जमरानी बांध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। साथ ही मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों का भी धन्यवाद किया, जिनके सहयोग से यह परियोजना आगे बढ़ सकी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शब्दों में नहीं, बल्कि कार्यों में विश्वास करती है। जनहित से जुड़े विकास कार्यों में धनराशि या किसी प्रकार की बाधा आड़े नहीं आने दी जाएगी और कोई भी जनकल्याणकारी योजना अधूरी नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना राज्य की समृद्धि का प्रतीक है और यह उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगी। इस परियोजना से जहां सिंचाई और पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ होगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग के अनुरूप परियोजना से विद्युत उत्पादन की संभावनाओं पर केंद्र सरकार से वार्ता की जाएगी। इस अवसर पर जमरानी बांध परियोजना के महाप्रबंधक महेश खरे ने जानकारी दी कि परियोजना के अंतर्गत निर्मित की जा रही दो टनलों का कार्य लगभग 88 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नदी के जल प्रवाह को मोड़ने के लिए कॉफर डैम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक टनल निर्माण और कृत्रिम डैम का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद मानसून के दौरान नदी का जल टनलों के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा। इसके उपरांत स्थायी बांध के निर्माण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। परियोजना का संपूर्ण कार्य जून 2029 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।